आज रामलीला मैदान से राहुल बाबा का भाषण सुना बिल्कुल दिवाली के बोनस की तरह लगा ....जो कभी भी जरूरतें और इच्छायें पूरी नहीं करता लेकिन इंतज़ार साल भर रहता है ।रैली में गुलाबी पगड़ी लगाए हज़ारों किसान (जैसे सिर्फ फ़िल्मी शादियों में दिखते हैं ) मंच पर बैठे अपने आकाओं को गुलाबी तस्वीर दिखा रहे थे ..।एक बार फिर राहुल की रीलांचिंग के लिए सिर्फ एक शब्द ..फुस्स ...