आज रामलीला मैदान से राहुल बाबा का भाषण सुना बिल्कुल दिवाली के बोनस की तरह लगा ....जो कभी भी जरूरतें और इच्छायें पूरी नहीं करता लेकिन इंतज़ार साल भर रहता है ।रैली में गुलाबी पगड़ी लगाए हज़ारों किसान (जैसे सिर्फ फ़िल्मी शादियों में दिखते हैं ) मंच पर बैठे अपने आकाओं को गुलाबी तस्वीर दिखा रहे थे ..।एक बार फिर राहुल की रीलांचिंग के लिए सिर्फ एक शब्द ..फुस्स ...
दोस्तों,खर्राटे एक बहुत जटिल प्रक्रिया है,खर्राटे लेने वाला तो सोता है लेकिन अपने खर्राटे से आस-पास के लोगों को सोने नहीं देता है |मै एक आराम तलब आदमी हूँ ,आराम के समय,सोते समय खर्राटे भी लेता हूँ |कोशिश करूँगा कि अपने खर्राटों से आपको सोने न दूं|
Sunday, 4 November 2012
Sunday, 5 August 2012
Sunday, 13 May 2012
ठंडा मतलब.....कनपुरिये....!
पिछले दिनों जब हमारे राष्ट्रपिता के खून से सनी मिटटी की नीलामी की खबर सुनी तो दुःख हुआ और उससे भी ज्यादा दुःख तब हुआ जब उस नीलामी को रुकवाने के लिए हमारे शहर के पद्मश्री से सम्मानित साहित्यकार गिरिराज किशोर ने अपना पद्मश्री सरकार को लौटाने की घोषणा कर दी।लेकिन ख़ुशी एक बात की हो रही थी की एक बुजुर्ग साहित्यकार,गांधीवादी सोते हुए मेरे शहर को जगाने की कोशिश कर रहा था। 1857 की क्रांति का गवाह रहा कानपुर शहर तब भी नहीं जागा।मुट्ठीभर लोग फूलबाग गाँधी प्रतिमा पर विरोध दर्ज करवाने पहुंचे,'बापू' ने कभी जात -धर्म की राजनीति नहीं की शायद इस वजह से मेरा शहर बापू के साथ नहीं आया। । तेजी से बढ़ रहा मेरा शहर 'बापू' के मुद्दे पर क्यों कमज़ोर पढ़ गया ,क्योंकि अब 'बापू' की किसीको जरूरत नहीं है।'बापू' के नाम और काम पर बनी 'मुन्नाभाई' फिल्म के लिए तीन घंटे और पैसे हमारा शहर निकाल लेता है,लेकिन जब बात 'बापू, के खून से सनी मिटटी कि आयी तो क्यों मौन हो गए शहर के 'गांधीगिरी' करने वाले।तब से मन में ख़याल आ रहा था की आखिर कौन है 'कनपुरिया'...पान,पान मसाले की पीक से शहर को लाल करने वाला,ट्राफिक जाम से ज्यादा मोबाइल नेटवर्क के जाम होने की फिक्र करने वाला,हवा में घुले प्रदूषण को झेल कर भी मुस्कराने वाला,सरकारी अस्पताल में इलाज़ तलाशने वाला वाला,बीस मिनट में पिज्जा मंगाकर खाने वाला ।...जवाब ढूंढ रहा हूँ ,अभी तक नहीं मिला।इतना ठंडा हो गया 'कनपुरिया' की 'बापू' के नाम पर भी नहीं उबला खून ।मजदूरों का शहर मजबूरों का शहर बन गया।'बापू' के सिद्धांत भूलकर हम उनका 'सम्मान' तो पहले ही नीलाम कर चुके हैं अब क्या 'सामान' भी नीलाम होने से न रोक पाएंगे।कोई दिहाड़ी कमाने में और कोई होम लोन की किस्त चुकाने में इतना मशगूल हो गया की 'बापू' को भूल गया ।शुक्र है की लन्दन में नीलाम 'बापू' की यादें एक भारतीय ने ही खरीदी लेकिन ऐसी नौबत क्यों आई ये सोचने की बात है।तमाम मुश्किलों के बाद भी हमेशा चलता है कानपुर लेकिन 'बापू' के नाम पर भी जब मेरा शहर एकजुट नहीं हुआ तो बरबस मेरे मुह से भी निकल गया।..बापू तेरे देश में भांति-भांति के लोग।.........
Saturday, 12 May 2012
long live our parliament..
अपनी संसद की 60वी वर्षगांठ हम सब मना रहे हैं,ये हमारे लिए ख़ुशी की बात भी है।..लेकिन क्या हमारे सांसदों को अपनी 'शपथ' याद है और यदि याद है तो वे उस पर कितना अमल करते हैं।पिछले कुछ समय में सांसदों के प्रति असम्मान भी कुछ लोगो ने जताया।समय आ गया है की सांसदों को भी संसद और अपनी गरिमा का ध्यान रखना चाहिए।तमाम अपराधियों ने तो दिल्ली तक का सफ़र तय कर लिया है ,हमारे ईमानदार सांसदों को अब जनता के दिल तक का सफ़र तय करना बाकी है।...
Sunday, 6 May 2012
Sunday, 15 January 2012
चुनावी वायदे और हेयर कलर ......
चुनावी वायदे और हेयर कलर ......
उत्तर प्रदेश में विधान सभा चुनाव की तारीखें आ गयी तो लो शुरू हो गयी चुनावी वायदों की होली |हमने तो खाई इस होली में रेनकोट पहन रखा है लेकिन हमारे तमाम साथी इसमें भीग कर आनंद ले रहे हैं|बढती हुई उम्र को छिपाने के लिए और जवानी में नया रंग लाने के हेयर कलर या खिजाब का इस्तेमाल अब आम बात है |माहौल चुनावी है तो जब मेरा ध्यान चुनावी वायदों पर गया तो महसूस हुआ कि
ये तो सिर्फ हेयर कलर कि तरह हैं| पार्टी के हिसाब से बात करते हैं भारतीय जनता पार्टी को अपनी उम्र और पुराने मुद्दे ,सब जानते हैं कि उनका सबसे पुराना मुद्दा क्या है जिसने उन्हें सत्ता दिलाई,छिपाने के लिए नए हेयर कलर रुपी वायदे कि जरूरत है |तो लो आ गया उनका नया मुद्दा 'करप्शन'...लेकिन ये क्या बालों कि सफेदी तो इस कलर के बाद भी नज़र आ रही है,हे राम! बाबू सिंह कुशवाहा|
जवानी में भी हेयर कलर का इस्तेमाल कर रहे हैं कांग्रेस के युवराज |हेयर कलर का इस्तेमाल अपनी पहली चुनावी सभा में ही कर दिया ,यू.पी. वालों को भिखारी बनाकर,फिर सैम पित्रोदा कि जात बताकर ,कभी बाटला हॉउस एनकाउंटर पर सवाल उठाकर|
एक और युवराज जो क्रांति रथ लेकर पूरे प्रदेश में घूम रहे हैं उन्हें कुछ समझ नहीं आया तो 'शाम वाली दवाई' के दामो पर फिक्र दिखा दी|
चुनाव आयोग रुपी महावत ने जब अपना अंकुश लगाया तो फिर से दलितों को सताए जाने का ख्याल याद आ गया |
एक अस्सी बरस का बूढा इसी जंग में अपने सफ़ेद बालों के साथ लड़ रहा है |इश्वर उसे भी हेयर कलर का इस्तेमाल करने वालों से बचाए,कुछ उनके आस-पास भी हैं|
साथियों हेयर कलर वालों को पहचानिए |बालों कि सफेदी के लिए ज़िम्मेदार 'मेलेनिन' नमाक तत्त्व होता है |जिसके चुनावी वायदों में 'मेलेनिन' नज़र आये उसको ही वोट दीजिये और वोट ज़रूर दीजिये |हेयर कलर से सिर्फ कुछ देर तक ही अपनी उम्र छिपाई जा सकती है |हेयर कलर वालों को उनकी उम्र याद दिलाइये |
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उत्तर प्रदेश में विधान सभा चुनाव की तारीखें आ गयी तो लो शुरू हो गयी चुनावी वायदों की होली |हमने तो खाई इस होली में रेनकोट पहन रखा है लेकिन हमारे तमाम साथी इसमें भीग कर आनंद ले रहे हैं|बढती हुई उम्र को छिपाने के लिए और जवानी में नया रंग लाने के हेयर कलर या खिजाब का इस्तेमाल अब आम बात है |माहौल चुनावी है तो जब मेरा ध्यान चुनावी वायदों पर गया तो महसूस हुआ कि
ये तो सिर्फ हेयर कलर कि तरह हैं| पार्टी के हिसाब से बात करते हैं भारतीय जनता पार्टी को अपनी उम्र और पुराने मुद्दे ,सब जानते हैं कि उनका सबसे पुराना मुद्दा क्या है जिसने उन्हें सत्ता दिलाई,छिपाने के लिए नए हेयर कलर रुपी वायदे कि जरूरत है |तो लो आ गया उनका नया मुद्दा 'करप्शन'...लेकिन ये क्या बालों कि सफेदी तो इस कलर के बाद भी नज़र आ रही है,हे राम! बाबू सिंह कुशवाहा|
जवानी में भी हेयर कलर का इस्तेमाल कर रहे हैं कांग्रेस के युवराज |हेयर कलर का इस्तेमाल अपनी पहली चुनावी सभा में ही कर दिया ,यू.पी. वालों को भिखारी बनाकर,फिर सैम पित्रोदा कि जात बताकर ,कभी बाटला हॉउस एनकाउंटर पर सवाल उठाकर|
एक और युवराज जो क्रांति रथ लेकर पूरे प्रदेश में घूम रहे हैं उन्हें कुछ समझ नहीं आया तो 'शाम वाली दवाई' के दामो पर फिक्र दिखा दी|
चुनाव आयोग रुपी महावत ने जब अपना अंकुश लगाया तो फिर से दलितों को सताए जाने का ख्याल याद आ गया |
एक अस्सी बरस का बूढा इसी जंग में अपने सफ़ेद बालों के साथ लड़ रहा है |इश्वर उसे भी हेयर कलर का इस्तेमाल करने वालों से बचाए,कुछ उनके आस-पास भी हैं|
साथियों हेयर कलर वालों को पहचानिए |बालों कि सफेदी के लिए ज़िम्मेदार 'मेलेनिन' नमाक तत्त्व होता है |जिसके चुनावी वायदों में 'मेलेनिन' नज़र आये उसको ही वोट दीजिये और वोट ज़रूर दीजिये |हेयर कलर से सिर्फ कुछ देर तक ही अपनी उम्र छिपाई जा सकती है |हेयर कलर वालों को उनकी उम्र याद दिलाइये |
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