Saturday, 5 November 2011

pehla pyar aur petrol.......

 पहला प्यार और पेट्रोल........    पेट्रोल के दाम बढ़ते ही राजनैतिक दलों द्वारा प्रायोजित धरने,प्रदर्शन,पुतला दहन के दौर शुरू हो गए लेकिन इसी शोर में दब गई एक आशिक की आह!पेट्रोल की आग में भस्म हो गई एक छोटी सी लव स्टोरी |एक आशिक ने अपने खून से लिखे प्रेमपत्र में अपनी मजबूरी को उड़ेल दिया क्योंकि उस नए-नवेले आशिक को पता चल गया था कि अब उसका खून पेट्रोल से सस्ता हो गया है|स्कूल के दिनों की  मोहब्बत में आशिक हर वक्त तैयार रहता है एक आग के दरिये में डूब के जाने के लिए लेकिन उधार कि मोटरसाइकिल में पेट्रोल डलवाना अब उसे आग के समंदर कि तरह लगने लगता है|पेट्रोल के दाम क्या बढे कि मियाँ आशिक को माल रोड का पेट्रोल पम्प अब अपनी मुहब्बत की  मज़ार नज़र आने  लगा|नई-नई लव स्टोरी के फाइनल मैच में पेट्रोल के दाम ने जैसे बारिश कर दी और "मनमोहनी" नियम के आधार पर आशिक को अपनी हार नज़र आने लगी|माशूका के घर,कालेज और कोचिंग के चक्कर अब इस आशिक को किसी आर्ट फिल्म स्टाइल में लगाने पड़ेंगे|लेकिन जैसे ही पेट्रोल के दाम बढाने पर ममता दीदी ने सरकार  को समर्थन वापसी कि धमकी दी तो मासूम आशिक को ममता में अपनी लव स्टोरी में कैरेक्टर रोल निभाने वाला कैरेक्टर नज़र आने लगा जो अस्सी के दशक की  फिल्मों के  तरह हीरो की जान बचाने के लिए अपने सीने पर गोली खा लेता है|लेकिन सरकार ने जैसे ही बढे दाम वापस न लेने का इशारा किया तो इस आशिक के इश्क का टाइटेनिक भी डूबने लगा|अपनी लव स्टोरी को दुखांत की ओर जाते देख श्रीमान आशिक ने वो तीर चलाया जिसके भरोसे कांग्रेस भी है |और लिख डाली देश के सबसे चहेते कुंवारे गांधी को चिट्ठी कि आप जितना उत्तर प्रदेश के गाँव में रहने वाले दलितों से प्रेम करते हैं मै उससे भी ज्यादा अपनी माशूका से मुहब्बत करता हूँ ,लेकिन महंगे हो रहे पेट्रोल के चलते मेरी लव स्टोरी में फुल स्टाप लग गया है|अपनी माशूका से मिलने के लिए इतना बेकरार हूँ जितना तो ये देश सचिन के सौवें शतक   लिए भी नहीं है|सरकारी तेल कंपनियों के घाटे कि दलील के दलदल में सारा देश फँसगया लेकिन मै तो मनरेगा के मजदूर कि तरह अब भी अपने मन से खुशहाली के गाने गाने के लिए कह रहा था|अन्ना के आन्दोलन की  कसम एक छोटी सी टीम बनाने कि तो मैंने भी सोची थी लेकिन  जैसे-जैसे पेट्रोल के दाम बढ़ रहे थे और टीम अन्ना के साथी टूट रहे थे मेरी लव स्टोरी भी बिखर रही थी|उम्मीदों पर दुनिया कायम है ये सोचकर अब मै सिर्फ अपने दिल और पैरों पर भरोसा करने लगा हूँ| मुफ्त की  राय दे रहा हूँ कि मोटरसाइकिल के सहारे अपनी लव स्टोरी आगे बढ़ाना आडवानीजी के प्रधानमन्त्री बनने के सपने देखने  जैसा  रिस्की  काम  है|भरोसा करो  तो सिर्फ अपने ऊपर  सरकार पर भी नहीं नहीं तो दुनिया कहेगी  कि आशिक  का  जनाज़ा  है ज़रा  धूम से निकले  |

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