Friday, 9 December 2011

उमा भारती को सुनना ऐसा लगता है जैसे हाई टेक मोबाइल के ज़माने में लैंडलाइन टेलीफोन की ट्रिन

उमा भारती को सुनना ऐसा लगता है जैसे हाई टेक मोबाइल के ज़माने में लैंडलाइन टेलीफोन की ट्रिन
-ट्रिन..........हेलो टोन,कॉलर टोन के नए-नए ऑफर के बीच में अगर आपको लैंडलाइन की वही पुरानी ट्रिन-ट्रिन सुनाई देगी तो कैसा लगेगा |भाजपा कीराष्ट्रीय नेता और आगामी विधान सभा चुनाव के लिए उत्तर प्रदेश की प्रभारी उमा भारती को सुनने का मौका मिला तो मुझे कुछ ऐसा ही महसूस हुआ जैसा मैंने अभी ऊपर लिखा |राम मंदिर काल में भाजपा के जिन नेताओं का उदय हुआ वो अब भी पुराने ढर्रे पर ही चल रहे हैं|उत्तर प्रदेश के चुनाव सिर पर हैं और भाजपा के पास नेता नहीं हैं |मुझे लगता है मायावती से मुकाबले के लिए भाजपा ने पिछड़ी जाति की महिला को चुना लेकिन उमा भारती आज के वोटर को आकर्षित कर सके ऐसा कुछ नहीं दिख रहा है|







 

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